what is dust and from where it comes, scientist of macquarie university australia replied | धूल क्या है, कहां से आती है? इससे नुकसान नहीं होते हैं फायदे भी

सिडनी: हमारे घरों में हर चीज पर धूल (Dust) जमा होती है, लेकिन यह धूल आखिर क्या है? यह आती कहां से है और हटाए जाने के बाद वापस क्यों आ जाती है? क्या यह बाहर से आती है? क्या यह हमारे कपड़ों से निकलने वाले रेशे हैं या हमारी त्वचा की कोशिकाएं हैं?

लगातार आ रहे धूल के पैकेट

इस सवाल का जवाब देने की कोशिश ऑस्ट्रेलिया की मैकक्वेरी यूनिवर्सिटी (Macquarie university, Australia) के शोधकर्ताओं ने की है. रिसर्च से जुड़े लोगों के मुताबिक, ‘डस्टसेफ कार्यक्रम के तहत पूरे ऑस्ट्रेलिया के लोग अपने घरों की धूल भेज रहे हैं. वैक्यूम क्लीनर को कूड़ेदान में खाली करने के बजाय, वो इसे पैक करके हमे भेजते हैं और यहां हम उसका विश्लेषण करते हैं. इस मिशन की वजह से हम धूल से जुड़े रहस्यों को जान रहे हैं.’

रिसर्च में शामिल 35 देश

मैकक्वेरी यूनिवर्सिटी के मार्क पैट्रिक टेलर, सिंथिया फाये इस्ले, कारा फ्राई और मैक्स एम गिलिंग्स की चर्चा के मुताबिक दुनिया के कुल 35 देश इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक अभी तक के अध्ययन से पता चला है कि धूल हर जगह है. जो घरों और इमारतों के भीतर इकठ्ठा होने के साथ-साथ हमारे वातावरण में मौजूद हर लेयर पर पाई जाती है. कुछ धूल प्राकृतिक होती है, जो चट्टानों, मिट्टी और यहां तक कि अंतरिक्ष से भी आती है.

वहीं ‘डस्टसेफ’ कार्यक्रम से पता चला है कि ऑस्ट्रेलिया के घरों में एकत्र होने वाली धूल में कुछ खतरनाक कण भी हो सकते हैं, जैसे: धातु कण, रेडियोधर्मी तत्व, एंटीबायोटिक प्रतिरोधी जीन, माइक्रोप्लास्टिक्स और अग्निशामक फोम, कपड़े और कालीनों को दाग और पानी से बचाने के इस्तेमाल होने वाले तत्व, पैकेजिंग और अन्य स्रोतों में पाए जाने वाले परफ्लुओरिनेटेड केमिकल 

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घरों के अंदर से आने वाली धूल

कुछ अनुमान बताते हैं कि घरेलू धूल में से एक तिहाई धूल कण आपके घर के अंदर के स्रोतों से उत्पन्न होते हैं और शेष कण हवा, कपड़ों, पालतू जानवरों और जूतों आदि के जरिए बाहर से आते हैं. आप और आपके पालतू पशु की त्वचा कोशिकाएं और बाल भी धूल का हिस्सा होते हैं. धूल सड़ने वाले कीड़ों, भोजन के टुकड़ों, प्लास्टिक और मिट्टी से भी बनती है.

एलर्जी से बचाती है गंदगी!

इस बात के सबूत मिल रहे हैं कि कुछ ‘गंदगी’ लाभकारी होती है, क्योंकि इससे रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है और एलर्जी का खतरा कम होता है, लेकिन घर के अंदर खाना बनाने, खुली चिमनी का इस्तेमाल और धूम्रपान करने से आपके घर में बहुत महीन धूल के साथ-साथ चिंताजनक प्रदूषक पैदा होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं.

धूल में रसायन भी व्यापक रूप से शामिल होते हैं. इनमें वे रसायन भी शामिल हैं, जो स्थायी जैविक प्रदूषकों पर संयुक्त राष्ट्र के स्टॉकहोम सम्मेलन में सूचीबद्ध हैं. इन रसायनों के कारण कैंसर, जन्म संबंधी विकार, निष्क्रिय प्रतिरोधी क्षमता एवं प्रजनन प्रणाली और तंत्रिका तंत्र को नुकसान हो सकता है. बाहर होने वाली धूल आपके पालतू पशुओं के बालों से भी आती है. गाड़ियों से निकलने वाली धूल भी घरों में आती है. इसके अलावा खेतों और रेगिस्तानी इलाकों की धूल, घरों में आती है. झाड़ियों में लगी आग वायुमंडलीय धूल के सूक्ष्म कण पैदा करती है, जिनमें जहरीले घटक हो सकते हैं.

सावधानी बरतने की जरूरत

आस-पास की खदानों और उद्योगों से निकलने वाली धूल में भी जहरीले घटक होते हैं. खराब वायु गुणवत्ता और नम घर बीमारी का स्रोत हैं. टाणुनाशक और जीवाणुरोधी उत्पादों का अत्यधिक उपयोग भी हानिकारक है. घरों में होने वाली धूल जीवन का हिस्सा है. बंद घरों में भी धूल होती है, लेकिन कुछ ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि धूल कम एकत्र हो. पायदानों का इस्तेमाल कीजिए और जूते बाहर उतारिए. धूल में खेलकर आए बच्चों एवं पालतू जानवरों को घर में घुसने से पहले ही साफ करें. प्लास्टिक, कीटनाशकों और जलरोधक के उपयोग को कम करने से रासायनिक पदार्थों को कम करने में मदद मिलेगी.

 

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